Search

आत्महत्या ईश्वर का अपमान है, संस्कृत महानायक आज़ाद

मिलिटरी स्कूल के विद्यार्थी, संस्कृत के अंतरराष्ट्रीय ब्रांड एम्बेसडर और राष्ट्रपुत्र संस्कृत महानायक मेगास्टार आज़ाद ने कहा कि आत्महत्या करना ईश्वर का अपमान है। ईश्वर ने जो मानवतन दिया उसका उपयोग जीवन को जीने और सार्थकता में है, न कि उसके विनाश में है।और ये हर पल याद रखें कि आपका जीवन मात्र आपका नहीं बल्कि ये आपके परिवार, समाज और राष्ट्र की भी सम्पत्ति है।


पूरे सनातन जगत को अहं ब्रह्मस्मि के उद्घोष से जीवित, जाग्रत, उन्नत, प्राणवंत और पुनर्स्थापित करने वाले और


भारत के सनातनता की दुनिया भर में प्रचार प्रसार करने वाले आज़ाद ने कहा कि कई महान व्यक्तियों ने आत्मदाह करने की नपुंसक मानसिकता पर लेख लिखें है, उनमें से एक लेख जो ओशो रजनीश ने लिखे हैं वो शायद मेरी नज़र में सर्वोत्तम और संवेदनशील सर्वेक्षण है जो आपके सम्मुख प्रस्तुत कर रहा हूँ।




#आत्महत्या पर ओशो के विचार:


तुम आत्महत्या के बारे में क्यों सोचते हो? क्या तुम पागल हो या और कुछ?


मुझे पता है कि तुम जीवन से ऊब गये हो। यदि तुम सचमुच ऊब गये हो तो आत्महत्या नहीं करो, क्योंकि आत्महत्या तुम्हें फिर इसी #जीवन में #घसीट #लायेगी -- और हो सकता है कि इससे भी अधिक भद्दा जीवन तुम्हें मिले, जैसा कि अभी तुम्हारा है; क्योंकि आत्महत्या तुम्हारे भीतर और भी अधिक गंदगी पैदा कर देगी।


आत्महत्या करना #अस्तित्व का #अनादर है! अस्तित्व ने तुम्हें विकसित होने के लिये जीवन का अवसर दिया, और तुम इस अवसर को यूँ ही व्यर्थ गँवा देते हो।


और जब तक कि तुम #विकसित नहीं होते और विकसित होकर बुद्ध नहीं बन जाते, तब तक तुम जीवन में बार-बार फेंके जाओगे। लाखों बार पहले भी यह हो चुका है -- अब समय है, अब जागो! इस अवसर को चूको मत!


यहाँ मेरे साथ रहकर असली आत्महत्या की कला सीखो। असली कला में अपनी देह को नष्ट नहीं किया जाता है। देह सुंदर है, देह ने कुछ भी गलत नहीं किया है। यह तो मन है, जो असुंदर है। आत्मा भी सुंदर है, लेकिन देह और आत्मा के बीच कुछ है, जो न तो देह है, न ही आत्मा -- यह बीच की घटना ही मन है!


यह मन ही है, जो तुम्हे बार-बार गर्भ में घसीट लाता है!


जब तुम मरते हो, यदि तुम आत्महत्या करते हो, तब तुम जीवन के बारे में ही सोच रहे होओगे। आत्महत्या करने का मतलब है कि तुम जीवन के बारे में सोच रहे हो। तुम ऊब चुके हो, जीवन से थक चुको हो, तुम पूरा अलग ही जीवन चाहते हो -- इसी कारण तुम आत्महत्या कर रहे हो, न कि तुम जीवन के खिलाफ हो। तुम सिर्फ 'इस' जीवन के खिलाफ हो।


हो सकता है कि जैसे तुम हो, वैसा तुम नहीं चाहते हो -- हो सकता है कि तुम सिकंदर, नेपोलियन या हिटलर बनना चाहते हो, हो सकता है कि तुम इस दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति बनना चाहते हो, और तुम हो नहीं! यह जीवन असफल हो गया, और तुम प्रसिद्ध होना चाहते थे, सफल होना चाहते थे -- अब इस जीवन को ही तुम नष्ट कर देना चाहते हो।


लोग आत्महत्या इसलिये नहीं करते हैं कि वे जीवन से सच में थक गये हैं, बल्कि इस कारण करते हैं क्योंकि यह जीवन उनकी मांगें पूरी नहीं कर रहा। लेकिन कभी भी किसी की मांगें जीवन पूरी नहीं करता है। तुम हमेशा कुछ न कुछ चूकते ही चले जाओगे। यदि तुम्हारे पास धन है, पर हो सकता है कि तुम सुंदर न हो। यदि तुम सुंदर हो, तो हो सकता है कि तुम बुद्धिमान न हो। यदि तुम बुद्धिमान हो, पर हो सकता है कि तुम्हारे पास धन न हो। और, हो सकता है कि कोई हर चीज पा ले, तब भी यह कैसे मदद करेगा? तुम अतृप्त रहोगे!


हर जीवन में यही बातें दोहराती जाती हैं, देह बदल जाती है, लेकिन दिशा वही रहती है!


लोग सोचते हैं कि जो आत्महत्या करते हैं, वे जीवन के खिलाफ हैं -- यह सत्य नहीं है। वे जीवन के प्रति बहुत अधिक लालसा रखते हैं, वे जीवन के लिए बहुत अधिक वासना रखते हैं। और चूँकि जीवन उनकी वासनायें पूरी नहीं करता, तो गुस्से में, तनाव, विषाद और हताशा में वे स्वयं को नष्ट कर लेते हैं।


मैं तुम्हें आत्महत्या का सही तरीका सिखाऊँगा। देह को नष्ट करके नहीं, देह तो अस्तित्व का सुंदरतम उपहार है! मन अस्तित्व का उपहार नहीं है, मन समाज से संस्कारित है। देह उपहार है, और आत्मा उपहार है -- और इन दोनों के बीच समाज तुम्हारे साथ तरकीब खेलता है; इसलिये समाज ने मन को बनाया। यह तुम्हें महत्वाकांक्षा देता है, यह तुम्हें ईर्ष्या, प्रतिस्पर्धा, हिंसा देता है, यह तुम्हें हर तरह की गंदी बीमारियाँ देता है।


लेकिन इस मन का अतिक्रमण किया जा सकता है, मन को एक तरफ रखा जा सकता है। यह मन जरूरी नहीं है!


मैं तुम्हारे सामने बैठा हूँ, और अपने अनुभव से तुम्हें कह रहा हूँ, अपने अधिकार से कह रहा हूँ कि मन को एक तरफ रखा जा सकता है। यह बड़ा आसान है, तुम्हें बस इसका तरीका आना चाहिये।


और, आत्महत्या में मरना इतना #पीड़ादायी है, क्योंकि यह #प्राकृतिक #बात #नहीं है, यह #सर्वाधिक #अप्राकृतिक बात है। कभी भी कोई वृक्ष आत्महत्या नहीं करता -- सिर्फ आदमी करता है, #क्योंकि सिर्फ #आदमी इतना #पागल हो सकता है! प्रकृति आत्महत्या के बारे में कुछ नहीं जानती, यह #आदमी की खोज है! यह सबसे अधिक भद्दा और कुरूप कृत्य है। और जब कभी तुम स्वयं के साथ कोई बहुत ही भद्दी और कुरूप बात करते हो तो तुम आशा नहीं रख सकते कि तुम्हें आगे एक बेहतर जीवन मिलेगा। तुम मन की बेहद निकृष्ट #दशा में #मरोगे, और तुम बहुत ही #निकृष्ट #गर्भ में प्रवेश कर लोगे।


लेकिन आत्महत्या की जरूरत ही क्या है? जरा प्रश्न करो!


तुम निश्चित ही गलत ढंग से जीये हो, इसी कारण जीवन एक सुंदर गीत नहीं बना, निश्चित ही मूर्खतापूर्ण ढंग से जीये हो, मूर्खतापूर्वक, अज्ञानी की तरह -- इसी कारण जीवन में उत्सव नहीं आया। तुम #सितारों के साथ आनंद में नाच नहीं सकते, और न फूलों के साथ #नाच सकते, और न #हवाओं के साथ, न #बरसात में #मस्त होकर नाच सकते -- #क्योंकि तुम #गलत #तरीके से #जीये हो, जो तुम्हारे जैसे ही लोगों ने #तुम्हारे #ऊपर #थोप दिये हैं।


यह सतत चलने वाली घटना है। #मूढ़ता स्वतः सतत चलती रहती है। माता-पिता अपने बच्चों को अपनी मूढ़ता दिये चले जाते हैं, और यही बच्चे अपने बच्चों को वे सारी मूढ़तायें सौंप देते हैं। यह वंशानुगत विरासत है! इसे परम्परा कहते है, इसे विरासत कहते हैं, संस्कृति कहते हैं... बड़े-बड़े नाम हैं!


तुम जिस भांति अब तक जीते रहे हो, उस पर विचार करो, और तब तुम्हारे जीवन में एक नयी तरह की बुद्धिमत्ता आयेगी, और तुम्हारा जीवन अधिक प्रखर होगा।


अपने #संस्कारों पर #विचार करो। अब तक जैसे जीये हो, उस पर ध्यान दो -- कहीं बुनियादी रूप से कुछ गलत हुआ है।


#पक्षी #गीत गा रहे हैं, और #वृक्ष, और #फूल... यह अनंत अस्तित्व -- यह जगह आत्महत्या करने की है? इस जगह नृत्य करो, गीत गाओ, #उत्सव मनाओ, #प्रेम करो और प्रेम करने दो!


और यदि तुम इस अस्तित्व को प्रेम कर सकते हो, यदि तुम इस #अस्तित्व के आशीर्वाद महसूस कर सकते हो, तो मैं तुमसे वादा करता हूँ कि जब कभी तुम मरोगे, तुम वापस लौटकर नहीं आओगे -- क्योंकि तुमने पाठ सीख लिया। अस्तित्व कभी किसी को फिर वापस नहीं भेजता यदि उसने जीवन का पथ सीख लिया हो।


यदि तुम आनंदित होना सीख लेते हो, तुम स्वीकार्य होओगे। तब उच्चतर रहस्य के लिये तुम्हारे द्वार खुल जायेंगे। तब जीवन के अंतरतम रहस्यों में तुम्हारा स्वागत होगा।


इसे ही मैं असली आत्महत्या कहता हूँ, और इसके लिये मैंने नाम रखा है #ध्यान!


#ओशो


( "बी सेटल एंड नो" प्रवचनमाला का एक अंश )







#आज़ाद


#Aazaad


#DrMoonje


#Bollywood


#जयतुसंस्कृतम


#KaminiDube


#BombayTalkies


#DharmaSamrat


#KarpatriMaharaj


#RajnarayanDube


#MegastarAazaad


#MaharishiAazaad


#JayatuSanskritam


#SanskritMahanayak


#PillarOfIndianCinema


#ChandrashekhatAzad


#Legendaryfilmcompany


#TheBombayTalkiesStudios


#AhamBrahmasmi #Rashtraputra


#InternationalBrandAmbassadorOfSanskrit


#BombayTalkiesTV


#AazaadSportsAcademy


#MegastarAazaadCricketAcademy



CONNECT WITH US :



BHARAT BANDHU : https://bharatbandhu.com


MEGASTAR AAZAAD: https://www.aazaad.in/


MEGASTAR AAZAAD: https://www.megastaraazaad.com/


SANSKRIT MAHANAYAK MEGASTAR AAZAAD: https://g.co/kgs/xCoRrE


MEGASTAR MAHARSHI AAZAAD: https://www.imdb.com/name/nm10048391/


INSTAGRAM: https://www.instagram.com/megastaraazaad


TWITTER: https://twitter.com/MegastarAazaad


BLOG: http://aazaadblog.blogspot.com/


PINTEREST: https://www.pinterest.ca/aazaad1947/


FACEBOOK: https://www.facebook.com/profile.php?...


THE BOMBAY TALKIES STUDIOS: https://www.thebombaytalkiesstudios.com/


AHAM BRAHMASMI MOVIE: https://g.co/kgs/g6zo7Q


KAMINI DUBE: https://g.co/kgs/kqLDSM


RAJNARAYAN DUBE: https://bit.ly/2QNqxlp


AAZAAD FEDERATION: https://www.aazaadfederation.com/


THE GREAT PATRIOT: https://www.thegreatpatriotmovie.com/


MAHANAYAKAN : https://www.mahanayakan.com/


AHAM BRAHMASMI : https://www.ahambrahmasmimovie.com/


RASHTRAPUTRA : https://www.rashtraputra.com/


KAMINI DUBE : https://www.kaminidube.com/


KAMINI DUBE : https://www.imdb.com/name/nm10237078/...


RASHTRAPUTRA : https://www.imdb.com/title/tt8929946/...


AHAM BRAHMASMI : https://www.imdb.com/title/tt9212808/...


BHARAT BANDHU : https://www.youtube.com/channel/UCS4c...


BOMBAY TALKIES MUSIC : https://www.youtube.com/channel/UCBhL...


Bombay Talkies : https://bombaytalkies.co/


Pillar Of Indian Cinema : https://www.pillarofindiancinema.com/


World Literature Organization : https://www.worldliteratureorganizati...


Bombay Talkies Foundation : https://www.bombaytalkiesfoundation.com/


The Bombay Talkies Studios : https://www.youtube.com/channel/UCaFV...


BOMBAYTALKIES : https://www.bombaytalkies.org/


BOMBAY TALKIES : https://www.bombaytalkies.co/


BOMBAY TALKIES FOUNDATION : https://www.bombaytalkiesfoundation.com/


VISHWA SAHITYA PARISHAD : https://www.vishwasahityaparishad.com/


WORLD LITERATURE ORGANIZATION : https://www.worldliteratureorganizati...


KUMARI CHHAVI DEVI : https://www.kumarichhavidevi.com


PILLAR OF INDIAN CINEMA : https://www.pillarofindiancinema.com/


Dube Industries : https://dubeindustries.com


Prayagraj : https://bit.ly/2RpQxDI


Chandra Shekhar Azad : https://g.co/kgs/A6evFz


Chandra Shekhar Azad : https://en.wikipedia.org/wiki/Chandra...


JNU : https://bit.ly/3ceksH9


JNU : https://en.wikipedia.org/wiki/Jawahar...


Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : https://bit.ly/3e7aQj2


Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : https://bit.ly/2RD9Zgz


B. S. Moonje : https://drbsmoonje.com


kumari chhavi devi : https://kumarichhavidevi.com

0 views

© 2023 by  THE BOMBAY TALKIES STUDIOS

  • White Facebook Icon
  • Twitter Clean